उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 100 नई स्मार्ट टाउनशिप के विकास की रूपरेखा पेश की

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 100 नई स्मार्ट टाउनशिप के विकास की रूपरेखा पेश की

Chief Minister Yogi Adityanath presented

Chief Minister Yogi Adityanath presented

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में उत्तर प्रदेश के भविष्य का खाका खींचते हुए 100 नई टाउनशिप विकसित करने का बड़ा लक्ष्य रखा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की 25 करोड़ आबादी की जरूरतों को देखते हुए आधुनिक नगरीय ढांचे का विस्तार किया जा रहा है, जिसके तहत हाल ही में 114 टाउनशिप प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई है। सरकार का जोर अब केवल शहरों के विस्तार पर नहीं, बल्कि सुव्यवस्थित और आधुनिक सुविधाओं से लैस 'स्मार्ट टाउनशिप' पर है।

नक्शा पास कराने की अनिवार्यता समाप्त

नगरीय विकास में पारदर्शिता और सुगमता लाने के लिए मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक घोषणा की है। अब 100 वर्ग मीटर तक के आवासीय और 30 वर्ग मीटर तक के व्यावसायिक भूखंडों पर निर्माण के लिए नक्शा पास कराने की जरूरत नहीं होगी, केवल पंजीकरण ही पर्याप्त होगा। इसके अलावा, 500 वर्ग मीटर तक के आवासीय भूखंडों के लिए स्वतः मानचित्र अनुमोदन की ऑनलाइन व्यवस्था शुरू की गई है, जिससे छोटे व्यापारियों और आम नागरिकों को दफ्तरों के चक्करों से मुक्ति मिलेगी।

मेट्रो और 'नमो भारत' का विस्तार

प्रदेश की कनेक्टिविटी को नया आयाम देते हुए मुख्यमंत्री ने लखनऊ मेट्रो के अगले चरण (चारबाग से बसंत कुंज) के लिए 1268 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। साथ ही, मेरठ-दिल्ली के बीच 'नमो भारत' (रैपिड रेल) के संचालन की घोषणा की गई है, जिससे यह सफर महज 40 से 45 मिनट का रह जाएगा। मेरठ में एक साथ नमो भारत और मेट्रो के दो अलग कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं, जो क्षेत्रीय विकास की गति को बढ़ाएंगे।

50 लाख करोड़ के प्रस्ताव

मुख्यमंत्री ने औद्योगिक प्रगति का जिक्र करते हुए बताया कि प्रदेश के 27 एक्सप्रेसवे के किनारे इंटीग्रेटेड क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। इसके लिए 12,500 एकड़ का नया लैंड बैंक तैयार किया जा रहा है, जबकि प्रदेश में पहले से ही 75,000 एकड़ भूमि उपलब्ध है। उत्तर प्रदेश की विश्वसनीयता का प्रमाण यह है कि राज्य को अब तक 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं और ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के जरिए 7 लाख करोड़ के निवेश को धरातल पर उतारा जा रहा है।

श्रमिक कल्याण और युवा सशक्तीकरण

कोविड काल की चुनौतियों को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि अन्य राज्यों से लौटे 40 लाख श्रमिकों में से 90 प्रतिशत आज यूपी में ही रोजगार पा चुके हैं। वहीं, युवाओं के डिजिटल सशक्तिकरण के लिए 'स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना' के तहत टैबलेट वितरण हेतु 2375 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। स्नातक और परास्नातक के अंतिम वर्ष के छात्रों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाकर उन्हें वैश्विक रोजगार बाजार के लिए तैयार किया जा रहा है।